दूरी

तुम दूर हो , हम मजबूर हैं
तुम हूर हो , हम बेनूर हैं
हर शाम याद करते हैं जाम -ए अश्क हाथों में लिए हुए
जल्द ही सो जाते हैं , ख्वाबों में तुम्हे पाने के लिए
तुम जब मुस्कुराती हो ख्वाबों मे आकर
दिल कहता है , क्या करूंगा तुम्हे पा कर
क्या रहोगी तुम मेरे साथ ,
जिसके पास, नहीं सिवा कुछ देने के लिए मोहब्बत के जजबात!

(genuinely uttams)

क्या हमारे साथ चलेंगे ?

आप माफ़ करते रहें तो हम खता करते रहें
कभी पलकों को चूम लें तो कभी जुल्फों से खेलते रहें
आप इकरार कर ले तो हम वफ़ा कर ते रहें
कभी दिल कि बात करें तो कभी जान पे खेलते रहें
तुम आने का वादा करो तो हम इंतज़ार करें
कभी सपनो में मिल लें तो कभी राहों को देखते रहें
आप मोहब्बत कर लें हम से तो क्यों हम और कुछ करें
तेरे हाथों को थाम कर यूं ही उम्र भर चलते रहें ॥

(genuinely uttams)

दर्द और शायरी

औरों के शेरों को क्यों उधार लें ,
हम एहसास -ए -दिल बयाँ करने के लिए,
तुमको देखा तो रूमनगी आ गयी ,
फिर से देखा तो दीवानगी छा गयी ,
झुकती नज़रों ने मैकशिं भर दी ,
बस एक दर्द की कमी थी UttaM की शायरी में , जो तुने दिल तोड़कर पूरी कर दी !

गैरों के अलफ़ाज़ क्यों उधार लें ,
हम हाल -ए -दिल बताने के लिए ,
तेरे लबों ने मुस्कराहट सिखाई ,
तेरी नज़रों ने नज़रों की जुबां समझाई ,
तेरे आँचल ने जिन्दगी मे रंग भर दी ,
बस एक दर्द की कमी थी UttaM की शायरी में , जो तुने दिल तोड़कर पूरी कर दी !

दूसरों का कलम क्यों उधार लें ,
हम अपने हाथों से लिखने के लिए ,
तेरे आँचल ने हवा दी दिल में छुपी आग को ,
तेरे काजल ने कलम में श्याही भर दी
बस एक दर्द की कमी थी UttaM की शायरी में , जो तुने दिल तोड़कर पूरी कर दी !

(genuinely uttams)