चंद हादसों से जिंदा

चंद हादसों से रहनुमा थोड़ा बिखर आया हूँ
फिर भी उन रास्तों से जिंदा निकल आया हूँ

अब किसी को बदल ने की कहाँ ताकत मुझ में
सफ़ा दर सफ़ा मैं खुद सफर में बदल आया हूँ

रुसवाई झेलना हो रहा था कितना मुश्किल
चुपके से मेरे दोस्त महफ़िल से निकल आया हूँ

शायद सख्त बनाना चाहता था वक़्त मुझको
मोम हुआ करता था पत्थर में बदल आया हूँ

(Uttam’s pen)
हादसा – accident
रहनुमा- guide
सफ़ा दर सफ़ा – page by page
रुसवाई- ill fame
सख्त- strong
मोम- wax

जल रहा है आशियाना

सनसनी सन्नाटों में दहशतों का शोर है

जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है!

मैं हिंदू हूँ , तुम मुस्लिम हो और वो तीसरा कोई और है

जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है!

तुमने कोइले की बात छेड़ी मैंने डीजल के दाम बढ़ा दी

आज इसपे लड़ते रहो, कल का अजेंडा कुछ और है

जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है!

टैक्स तुम भरते हो, मैं विदेश घूम आती हूँ

आज मैं प्रेसिडेंट हूँ, कल कोई और है

जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है!

अनशन मैं करता हूँ, मेरा टीम अन्वेषण करता है

मेरी लड़ाई लोकपाल है या कुछ और है?

जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है!

आबंटन में घपला करता हूँ, अपनों को जमीन दिलाता हूँ

फिर भी , मेरा नमन हर मंदिर की और है

जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है!

मैं मेहनत मजदूरी करता हूँ, भूके सोने से डरता हूँ

मैं क्या जानू, कौन साधू है कौन चोर है

जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है!

न हम में देश भक्ति है , न ईश्वर से मैं डरता हूँ

बस पैसा बनाने कि होड है

जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है!

Written by : Uttam Yaligar

(https://www.facebook.com/uttam.yaligar)


ಹತ್ತು-ಹನ್ನೊಂದು

 


 

ಹತ್ತು ಹನ್ನೊಂದಾಯಿತು

ವರ್ಷ ಇನ್ನೊಂದಾಯಿತು

ತಲೆ ಮೇಲೆ ಶ್ವೇತ ಕೇಶ

ಒಂದಿತ್ತು, ಇನ್ನೊಂದಾಯಿತು

 

ಆದರೆ ಹೃದಯ ತರುಣವಾಗುತಿದೆ

ಮನದಂಗಳದಿ ಶುಭ್ರ ಅರುಣ ಮೂಡುತಿದೆ

ಖುಷಿಯ ದಾರಿಗೆ ಬದುಕು

ಮೃದುಹಸ್ತದಿ ದೂಡುತಿದೆ

 

ಪ್ರಥಮ ದಿನವಿದು ಇನ್ನುಳಿದ ಜೀವನಕ

ಹದಿನೆಂಟು ನಾನೆಂದೂ ಭುವಿಮೇಲೆ ಇರುತನಕ

ಉತ್ಸಾಹವ ಕುಂದದೆ ಬದುಕುವೆನು ನಾನು

ಬಿಡಲಾರೆ ಹಟವನ್ನು ಜಿಗಿಯುವರೆಗೆ ಗುರಿತನಕ

 

ಪ್ರತಿ ವರುಷ ಕಳೆದಂತೆ ಪಕ್ವವಾಗುತಿಹೆ ನಾನು

ಏನೊಳಿತು ಏನಿಲ್ಲ ಎಲ್ಲ ತಿಳಿಯುತಿಹೆ ನಾನು

ಪ್ರತಿವರುಷ ಒಂದು ಬೇಡಿ ಕಳಚುತಿದೆ ಮೆದುಳು

ಒಳಿತನ್ನೇ ಮಾಡಲು ಹವಣಿಸುತಿದೆ ಹೃದಯ

 

ಹಣ್ಣಾಗಿಸು ಮುಪ್ಪಾಗಿಸು ನಿರ್ಜೀಗೊಳಿಸು ಪ್ರಭುವೇ

ಕರ್ಮದಲೇ ಖುಷಿಪಡುವ ಆಸೆ ನೀಡು ಪ್ರಭುವೇ

ನೀಡು ನನ್ನ ಬಾಳಿಗೊಂದು ಬೆಳಕನು

ನಡೆಸಲು ಜಗದಲ್ಲಿ ಸಾರ್ಥಕತೆಯಾ ಬದುಕನು

 

( ಲೇಖನಿ: ಉತ್ತಮ ಸಿ ಯಲಿಗಾರ )