Hindi/Urdu

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Dost

Alag ho zamaane se tum dost Mera uruj chahte ho Yahaan log to girte hi muskuraaya karte hain Tum juda ho; haath utha kar Dua mangte ho Log dil me ranjish rakh ke haath milaaya karte hain (Uttam’s pen) Uruj- rising

मैं और तुम

मैं एक फूल तुम उसपे गितरी धूप मैं एक पत्थर तुम उसपे बहता झरना मैं एक किताब तुम उसपे उर्दू की लिखावट मैं हर्फ़ और तुम उसमे बसे हज़ारों माइने मैं बर्फ और तुम सर्दी का मौसम मुझपे छाई हो मुझसे लिपटी हो मुझमें समाई हो तुम (Uttam’s pen)