September 2012

जल रहा है आशियाना

सनसनी सन्नाटों में दहशतों का शोर है जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है! मैं हिंदू हूँ , तुम मुस्लिम हो और वो तीसरा कोई और है जल रहा है आशियाना, मगर मेरा ध्यान कहीं और है! तुमने कोइले की बात छेड़ी मैंने डीजल के दाम बढ़ा दी आज इसपे लड़ते रहो, Continue reading जल रहा है आशियाना