Maadar-e-Watan

Mere Maadar-e-watan shukriya tera
Teri panaah me hi khil utha ashiyaana mera

Tere aangan me gar na guzarta bachpan mera
Na milta tehzeeb-e-zindagi ka nazraana tera

Tu azeez hai mujhe jaan-o-jigar se jyaada,
Meri pehli wafa hai, andaaz ashiqaana tera

Tere saaye mein saanse lekar lagta hai,
Kuch kaam aayega ek din jeena mera

Shahadat ki tamanna to hai tere liye, himmat ka main nahi jaanta
Fir bhi dil kurbaan hai tujhpe mastaana mera

Mere Madar-e-watan shukriya tera
Teri panaah me hi khil utha ashiyaana mera

(Genuinely Uttam’s)
Wish You a Very Happy Independence Day

इंतज़ार

कोई आये इस छोटे से घर में
मोहब्बत से सजा रखा है हमने

दर पे खडे हैं गुलदस्ता लिये हुए
नज़रों को उनके क़दमों पे बिछा रखा है हमने

रंग से कहा है रंगीन बनायें उनकी शामें
फर्श से ठंडे रहने की गुजारिश किया है हमने

कुर्सियों से कहा है वो थक कर बैठें तो हवा देंगे उन्हें हम,
उनके चहरे से ना हटे रौशनी, चिरागों से कह रखा है हमने

दीवारों को बताया है के कुछ बुरा ना कहेंगे उन्हें हम
उनके जुल्फ के साये मे गुज़ार देंगे जिन्दगी, खिड़कियों से वादा किया है हमने

ख्वाबगाह को उल्फत के रंगों से सजा कर,
ख़्वाबों के ताबीर की उम्मीद लगा रखा है हमने

इबादत-गाह मे, उन-को माँग कर खुदा से,
उम्र भर के खुशियों की गुज़ारिश किया है हमने

कोई आये इस छोटे से घर में
मोहब्बत से सजा रखा है

हमने

(Genuinely Uttam’s)