April 2007

हमको हो गयी है मोहब्बत आपसे ..

हमको हो गयी है मोहब्बत आपसे , आप हमारी खता मानते हैं!! क्या हमने कहा था आपकी आँखों से के सपनों आये? क्या हमने कहा था आपकी जुल्फों से के वादियों को मेह्काये ? क्या हमने कहा था आपके आँचल से के लहराये ? क्या हमने ये कहा था के आप संवर के आयें ? Continue reading हमको हो गयी है मोहब्बत आपसे ..

दूरी

तुम दूर हो , हम मजबूर हैंतुम हूर हो , हम बेनूर हैंहर शाम याद करते हैं जाम -ए अश्क हाथों में लिए हुएजल्द ही सो जाते हैं , ख्वाबों में तुम्हे पाने के लिए तुम जब मुस्कुराती हो ख्वाबों मे आकर दिल कहता है , क्या करूंगा तुम्हे पा कर क्या रहोगी तुम मेरे Continue reading दूरी

क्या हमारे साथ चलेंगे ?

आप माफ़ करते रहें तो हम खता करते रहेंकभी पलकों को चूम लें तो कभी जुल्फों से खेलते रहेंआप इकरार कर ले तो हम वफ़ा कर ते रहेंकभी दिल कि बात करें तो कभी जान पे खेलते रहेंतुम आने का वादा करो तो हम इंतज़ार करेंकभी सपनो में मिल लें तो कभी राहों को देखते Continue reading क्या हमारे साथ चलेंगे ?