तुम

तुम हँसी हो ख़ुशी हो
मेरी हँसी में भी तुम ही बसी हो
तुम जिंदगी की आहट हो
तुम ही मुस्कराहट हो
तुम खिलती कली
तुम महकती गली
तुम जान हो
सुबह की अज़ान हो
तुम सुकून हो
करार हो
तुम ही मौसम ए बहार हो
तुम हसरत हो
तुम आरज़ू हो
तुम ही रुबरु
तुम ही जुस्तजू हो
तुम आब हो
तुम ही ख्वाब हो
हर पहेली का
तुम ही जवाब हो
तुम दिल की आवाज़ हो
तुम ही जीने का अंदाज़ हो,,
(Uttam’s pen)

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